विज्ञापन

ब-ज़ाहिर सबकी नजर में नादान रहता है।।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझे लेकर,वो थोड़ा सा बदगुमान रहता है।
        
                                                    
                            
मेरे दिल में, जो दिल का मेहमान रहता है।।

वो कातिल है जो नज़रों से क़त्ल करता है।
ब-ज़ाहिर सबकी नजर में नादान रहता है।।
-यूनुस खान
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile