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अपना दर्द

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपना दर्द,यूं सर-ए-बज़्म बताते कैसे।
        
                                                    
                            
बिन तेरे जख़्मों पे मरहम लगाते कैसे।।

तौहीन-ए-उल्फत का , ख्याल था हमें।
फिर, अश्क बहाकर ग़म जताते कैसे।।

यूनुस खान
4 घंटे पहले
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