जब तुम्हारे कोई भी ना काम आयेगा।
यकीनन लबों पे हमारा नाम आयेगा।।
कर तो रहे हो तर्क-ए-ताल्लुक आज।
कल तेरी जानिब से , पैग़ाम आयेगा।।
आज मेरे आग़ाज पर, हंस रहे हैं जो।
शर्मायेंगे कल , जब अंजाम आयेगा।।
-यूनुस खान