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अहतमाम

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पीने-पिलाने का , कोई अहतमाम ना था।
        
                                                    
                            
जो प्यास बुझाये,ऐसा कोई जाम ना था।।

वक्त-ए-सहर भी, वो मशरूफ रहता था।
मेरे लिए , कोई भी वक्त-ए-शाम ना था।।
-यूनुस खान
एक महीने पहले
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