विज्ञापन

मेरे देश के नेता

yash garg

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझको बस रावण दिखता है
        
                                                    
                            
नेताओ के वेश में
जो सदा जलता रहता है
ईर्ष्या और द्वेष में

ना जनता के दिल जीतने
नेक कार्य की आशा से
इनको है बस भीड़ जुटानी
राजनीति की भाषा से

ये न्याय के दाता बनकर
संसद में दंगा करते है
काले धन से झोली भरकर
निर्धन को नंगा करते है

ये स्वर्ण के महल में रहकर
धर्म का धंधा करते है
जो इनको है आंख दिखाते
उन सबको अंधा करते है

न जाने कब देश मे मेरे
ऐसा शासन आएगा
जब देश का हर एक नेता
सत्यनिष्ठ बन जायेगा

उस दिन सबको राम दिखेंगे
नेताओ के वेश में
जो सदा पूजे जाएंगे
राज्य देश विदेश में

- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamlesh ranjan

1 कविता

View Profile