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आजादी की सुबह

Waveyoga Mental

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आजादी की सुबह कुछ ऐसी थी...
        
                                                    
                            
हवा में रस घुला, माथे पर तिरंगा लगा ...
हंसते चेहरों में जैसे कोई अंतहीन ऊर्जा ....
कोई अपनी ही धुन में लगा तो कोई राष्ट्र की...
पर सुबह ...सुबह जैसी थी.....
 
10 घंटे पहले
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