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क़िताब है जिन में जीव प्राणी का ज़िक्र मिलता है

WASI AHMAD QADRI

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक दीदार तो जो जाए उस मखलूकात पर जिस पर रहमत बरस्ती है वसी
        
                                                    
                            
चील और बाज़ के क़रीब पहुंचते ही मेरी आहट से वह जमीं छोड़ देता है
बिल्ली मेरे गोद में आकर बैठ जाती है कुत्ता मेरे क़रीब नहीं आता माजरा क्या है
Thinker of the creatures क़िताब है जिन में जीव प्राणी का ज़िक्र मिलता है
पैसे की क़ीमत नहीं होती दोस्तों इल्म खरीदा नहीं जा सकता यह एक समझ है
देर किस बात की पोथी डॉट कॉम बाज़ार में ये नायाब अनोखी पुस्तक मिलती है
-वसी अहमद क़ादरी
 
3 महीने पहले
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