मायूस मत होना मेरे भाई _दोस्तों_ बहनो _ दोस्तों _ पुत्र और पुत्रियों
हमने जन्म से अब तक गर्दिशों का पहाड़ देखा है अपने जीवन में
मेरे लिए मुश्किलों का दौर था आपके केलिए आसान कर दिया है
पढ़ते ही कायनात में वसी पुस्तक शरीर हरकतों में बदल जाएगा
गूगल से पूछिए किताब कहां मिलेगी Details बता देगा यक़ीनन
सोचना से तौबा करो दिमागी दर्द से बचना आसान कर दिया है
अगस्त में एक और नायाब पुस्तक देखने वो पढ़ने को मिलेगा दोस्त
जीवन मेरा ऐसा है फ़क़त अवाम को जगाने के लिए उसने हमें ऐसा ही समझा है
-वसी अहमद क़ादरी