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गर कोई मदहोशी या दीवानगी में देखे आइना तो अपना सर या आइना तोड़ देता है

WASI AHMAD QADRI

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये हरगिज़ मुम्किन नहीं के हर शख़्स को आइना में अपनी सूरत अच्छा नज़र आता है
        
                                                    
                            
गर कोई मदहोशी या दीवानगी में देखे आइना तो अपना सर या आइना तोड़ देता है
दिमाग काबू में रखना और आईने की परख समझना हर आदमी में में नहीं होता
गर ऐसा होता तो खुदा की पुतला बनाकर हर कोई पूजता खुदा देखने की नहीं यकीन रखने की है
-वसी अहमद कादरी 
3 महीने पहले
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