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तुझ को खबर है

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुमको ख़बर है
        
                                                    
                            
कि मुझको तेरी ख़बर है,
तेरे ख़्वाबों–ख़यालों में
मेरी भी बसर है।
चुप्पियों के बीच
तेरे नाम का नग़मा गूँजता है,
मेरी साँसों में भी
तेरे नाम की अलख है।
रूह पर भी हक़ तेरा,
धड़कन ने ये माना है,
हर जन्म में बस
तेरी ही आरजू है।
तुम समंदर हो, और
मैं किनारे की रेत सही,
छूने चले आते किनारा, लहर बन
ये प्रीत का असर हैं।
न मुलाकात ज़रूरी
न अल्फ़ाज़ों का सहारा,
तेरे एहसास के संग
मेरी जिंदगी की सफ़र हैं।
-नीरू जैन
7 महीने पहले
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