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बलदेव नामक मजदूर और चांद

Vishesh Animation

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब बलदेव नामक मजदूर के अधेड़ उमर के कंधे थक जाते हैं,
        
                                                    
                            
जब उसके पैरों मे मानो पत्थर बंध जाते है,
और जब उसके पेट को दीमक चर जाते है,
तब वो चांद आता है बताने,
जा सो जा कल की सुखी रोटी खा के,
सुलादे अपने लड़के को एक लोरी गा के,
भरोसा रखना कल भी आऊंगा,
भले ही कुछ घंटों के लिए ही,
मगर सब खत्म होने का एहसास कराउंगा ।
8 घंटे पहले
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