विज्ञापन

तेरा साथ ज़रूर चाहिए....

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अभी कुछ मुलाक़ातों का दौर और चाहिए,
        
                                                    
                            
प्यार कुछ कम करना, मगर तेरा साथ ज़रूर चाहिए।

बातें अधूरी हैं, कुछ ख़्वाब अधूरे हैं अभी,
इन ख़्वाबों को तेरे साथ की रात ज़रूर चाहिए।

ज़िंदगी ने बहुत कुछ सिखाया है अकेले चलकर,
मगर अब हर सफ़र में तेरा हाथ ज़रूर चाहिए।

न माँगूँगा तुझसे उम्रभर का कोई वादा,
बस हर मोड़ पर तेरा विश्वास ज़रूर चाहिए।

अगर मोहब्बत में थोड़ी-सी कमी भी रह जाए,
मुझे तेरी आँखों में वही एहसास ज़रूर चाहिए।

ज़माना चाहे जितनी भी दूरियाँ लिख दे,
मुझे तुझसे मिलने का एक बहाना ज़रूर चाहिए।

बहुत देख लिए हमने रिश्ते बदलते हुए,
मुझे बस तेरा वही पुराना साथ ज़रूर चाहिए।

अभी दिल ने बहुत कुछ कहना बाकी रखा है,
मुझे तेरे पास बैठने का एक पल और चाहिए।

प्यार कम हो जाए तो कोई ग़म नहीं मुझे,
मगर आख़िरी साँस तक तेरा साथ ज़रूर चाहिए।
- विकास त्रिपाठी ‘विक्की’
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all