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कलम की गवाही

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लफ़्ज़ों का क़द कभी आवाज़ से नापा नहीं जाता,
        
                                                    
                            
ख़ामोश कलम का फ़ैसला बदला नहीं जाता।

जो लोग हमें मिटाने का ख़्वाब रखते हैं,
उन्हीं के ज़िक्र से अपना नाम लिखा नहीं जाता।

वक़्त गवाह है, किरदार ही पहचान बनाता है,
चेहरे बदल जाने से इतिहास बदला नहीं जाता।

हमने तो बस सच को सलीके से लिखा है 'विक्की',
सच लिखने वालों का मुक़द्दर खरीदा नहीं जाता।
- विकास त्रिपाठी "विक्की"
2 महीने पहले
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