तारों से भरी रात होगी; जज़्बातों से भरी क़ायनात होगी;
बड़ा दिलकश नज़ारा होगा जानम,
जब तेरी मेरी हसीन मुलाक़ात होगी।
लब ख़ामोश होंगे, आँखें सब कह जाएँगी,
इश्क़ की फिर कोई नई शुरुआत होगी।
तेरे पहलू में गुज़र जाएँ जो कुछ पल,
उन पलों की भी अपनी एक कायनात होगी।
न चाँद की ज़रूरत, न सितारों की तमन्ना,
तू सामने होगी तो हर शय ख़ूबसूरत रात होगी।
बस इतना सा ख़्वाब है इस दिल का,
तू मेरी होगी और मोहब्बत मेरे साथ होगी।