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एक नजर हजार एहसास

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक नहीं, बार-बार देखा,
        
                                                    
                            
तुम्हारे इश्क़ में मैंने प्यार का चमत्कार देखा।
तेरी आँखों में डूबकर ये जाना,
मैंने खुद में भी तेरा संसार देखा।
तेरी खामोशी ने जो कह दिया,
उससे गहरा कहाँ कोई इकरार देखा।
तू पास नहीं फिर भी पास लगा,
हर साँस में तेरा इंतज़ार देखा।
तेरी एक मुस्कान के आगे,
मैंने फीका पूरा बहार देखा।
जिसे लोग कहते हैं महज़ एक एहसास,
मैंने उसमें अपना पूरा संसार देखा।
न जाने क्या जादू है तेरी मोहब्बत में,
हर बार तुझे देखा तो नया प्यार देखा।
— विकास त्रिपाठी ‘विक्की’
एक महीने पहले
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