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तुम्हारा इंतज़ार

vikas bajpai

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारा इंतज़ार,
        
                                                    
                            
हर समय हर बार।
शायद कुछ तलाशने की ख्वाहिश -
या कि ख़ुद की आजमाइश।
छेड़ रही तार-तार।
हर समय हर बार।
साँसो की ज़र्जर डोर,
कभी यहाँ तो कभी
उस ओर -
तुम बिन सब बेकार।
हर समय हर बार।
तुम्हारी यादों का सैलाब,
कभी कांटे तो कभी ग़ुलाब।
तुम्हारा अहसास जैसे फुहार।
हर समय हर बार।

-विकास कालाआमी
2 महीने पहले
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