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उछल कूद करते हैं मेंढक।

vikas bajpai

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उछल कूद करते हैं मेंढक।
        
                                                    
                            
कछुआ बजा रहा है ढोलक।
नाचे मोर पंख फैलाये।
आसमान में बादल छाये।
झूला झूल रहा है गुड्डू।
पिंकी के हाथों में लड्डू।
मौसम ने ले ली अंगड़ाई।
फ़िर देखो वर्षा ऋतु आई।
-विकास कालाआमी
एक महीने पहले
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