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लुटा पिटा ताज महल

vijaya Gupta

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                            वैधव्य से पीड़ित संगमरमरी ताजमहल लुटा पिटा खड़ा,
        
                                                    
                            
लूटने वाले मुल्क के बाशिंदे,
देखने आते ताज महल,
होटल ,वाले, कैब वाले महंगी टिकट,
गाइड ,
जमकर लूटते,
ये आधुनिक भारत,
अतिथि वही देव जिसकी जेब भरी,
पैसा बहाए मनचाह
बादशाह के सुपुर्द ए खाक होने के बाद,
ताज महल हुआ श्रृंगारविहीन,
हीरा,मोती,पन्ने ,मूंगा,स्वर्ण,चांदी से जड़ित,
हुआ उजाड़,
वैधव्य से पीड़ित संगमरमरी ताजमहल लुटा पिटा खड़ा,
कोई हिन्दू मंदिर कहे,
कोई श्रावण मास में
जल चढ़ाने की जिद करें,
लुटा पिटा ताज,
जिस पर सब अपना हक जमाएं,
आज लुटा पिटा ताज,
जरिया आय का,
दुनिया का अजूबा,
सुंदरता में बेमिसाल,
भारत का नगीना।
एक वर्ष पहले
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