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चेन्नई का बीच

vijaya Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दूर तक रेत ही रेत
        
                                                    
                            
एशिया का सबसे बीच,
चलना मुश्किल,
धंसते पांव,
तट को स्पर्श करतीं चंचल लहरें
मौज में डूबे इंसान,
लहरों के साथ कोलाहल करते,
वेग से आती धवल चांदी सी लहरें,
मनोरम सवेरा तन को छूती पवन,
दूर तक नीर,
अदृश्य छोर
नाविक की नावें लहरों से कर रहीं मुठभेड़,
सूरज के सात घोड़े,
किरणों की लगाम,
तीव्र गति से दौड़ रहे,
पलक झपकते सागर में समा गया
ताम्रवर्णी हुआ सागर,
मानो ग्रीष्म से राहत पाने सूरज ,
लहरों से किलोल क्रीड़ा कर रहा,
सांझ को तट पर सुकून,
सूरज के घोड़े लौट रहे,
सागर नीला
तट पर चहल पहल,
चटकारे अनोखे,
छोटे छोटे आमले,
नमक मिर्च में डूबे,
कसैला पन गायब खट्टा,
मीठा कटहल,
नारंगी नारियल पानी,
उत्तर भारतीयों के लिए अपरिचित स्वाद,
सांझ देखते ही देखते रात ,
चांद तारों से सजा आसमान,
काला सागर लहर चांदी सी चमक रही,
बंगाल की खाड़ी
वरदान चेन्नई के लिए,
मछली व्यवसाय पनपता,
पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र,
सागर का तट आनंद विभोर कर जाता,
4 महीने पहले
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