विज्ञापन

याद रहेगा

Vijay Prabhakar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            फूल का खिलना
        
                                                    
                            
फूल का मुस्कुराना
याद रहेगा ,

डाली से टूटना
मिट्टी से जुड़ना
याद रहेगा,

गुलिस्तान से गुजरना
महक से लिपटना
याद रहेगा
~ विजय नगरकर
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile