एक नई सुबह, एक नया सप्ताह,
साँस देता है तुम्हारी अनमोल नाज़ुक रूह को,
एक नई शुरुआत, जो बोलने से भी घबराती है,
क्योंकि उसके भीतर जादुई गुण समाए हैं।
हर किरण अपने संग संदेश लाती है,
टूटे हुए हौसलों में फिर जान जगाती है,
जो कल अधूरा रह गया था राहों में कहीं,
आज वही उम्मीद बनकर मुस्कुराती है यहीं।
डरना मत उन कदमों से जो काँप रहे हैं,
ये सफ़र के पहले दीपक ही तो जल रहे हैं,
हर शुरुआत में थोड़ी झिझक होना स्वाभाविक है,
यही तो नए सपनों का पहला संगीत है।
वक्त की किताब का नया पन्ना खुला है,
भाग्य का सूरज फिर क्षितिज पर ढला है,
कल की परछाइयों को यहीं छोड़ दो,
नई मंज़िलों से अपना रिश्ता जोड़ लो।
जीवन हर पल तुम्हें पुकारता रहेगा,
संघर्षों के बीच भी निखारता रहेगा,
जो गिरकर उठ खड़ा होता है बार-बार,
वही लिखता है अपने साहस का संसार।
फूलों से सीखो मुस्कुराना हर हाल में,
दीपों से सीखो जलना अंधकार में,
जो खुद रोशन होते हैं दूसरों के लिए,
वे ही अमर हो जाते हैं संसार में।
यह सप्ताह अवसरों का उपहार बने,
हर प्रयास तुम्हारी जीत का आधार बने,
विश्वास की डोर कभी टूटने न पाए,
मन का पंछी खुलकर आकाश छू आए।
यदि राह में बादल घने भी आएँ,
तो उम्मीदों के दीप बुझने न पाएँ,
रात चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो,
सुबह के कदम रुकने नहीं पाएँ।
अपने भीतर के उजाले को पहचानो,
हर हार के पीछे छिपी सीख को जानो,
तुम्हारा अस्तित्व किसी चमत्कार से कम नहीं,
इस सत्य को दिल से आज मानो।
क्योंकि हर नया दिन एक वरदान होता है,
हर नया सप्ताह एक अभियान होता है,
जो विश्वास के संग आगे बढ़ता है,
उसके लिए हर सपना आसान होता है।
तो स्वागत करो इस नई रोशनी का,
इस नई राह और नई बंदगी का,
जादू छिपा है हर आरंभ की गहराई में,
बस भरोसा रखो अपनी ही परछाई में।
~ विजय शर्मा एरी