विज्ञापन

रिश्तों की कद्र

Vijay BindaasRaja

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैंने रिश्ते निभाए नहीं,
        
                                                    
                            
दिल से जिए हैं…
जिन्हें अपना समझकर
इज़्ज़त दी,
उन्होंने मेरी अच्छाई को
मेरी कमजोरी समझ लिया।

अब शिकवा किसी से नहीं,
बस इतना सीखा है
हर रिश्ता सम्मान के लायक नहीं होता,
कुछ लोग सिर्फ सबक देने आते हैं।
-विजय बिंदास राजा
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile