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पुराने जख़्म

Vidya Sagar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            'सागर' की गहराई को लोग नापने बैठे हैं
        
                                                    
                            
वेगवती लहरों को लोग दबाने बैठे हैं.
पुराने जख्म ही अभी भर नहीं पाए,
नये-नये घावों को लोग उगाने बैठे हैं...
- विद्या सागर 'बलियाठी'
2 महीने पहले
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