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प्रभु-कृपा

Vidhi Sood

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आँधियों में भी दीया मेरा बुझ न पाया,
        
                                                    
                            
मैं उसे अपना सामर्थ्य मान,
अहं में डूबता गया।
भ्रम चूर हुआ उस क्षण,
जब मंद पवन में भी वह टिक न पाया।
तब जाना,
सामर्थ्य से बड़ी है प्रभु-कृपा की छाया॥
-वन्दना सूद
2 महीने पहले
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