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अहं का बोझ

Vidhi Sood

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अहं का बोझ सिर पर उठाए,
        
                                                    
                            
उम्र भर चलता रहा।
अंत में वही अहं,
राख बन मिट्टी में मिल गया।
-वन्दना सूद
2 महीने पहले
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