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मीडिया से ऊषा का एक विनम्र आग्रह

usha shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मत दिखाओ बार-बार,
        
                                                    
                            
हिंसा का वह दृश्य भयावह,
जिसे देखकर भटक जाए,
युवा मन का निर्मल प्रवाह।

हर अपराध की सुर्खियाँ,
यदि बन जाएँ सम्मान की बात,
तो कुछ नासमझ कदम बढ़ाएँ,
गलत राह की ओर अपने हाथ।

दिखाना है तो दिखलाओ,
ईमानदारी की नई मिसाल,
देश के वीरों का साहस,
और मेहनत का सुनहरा कमाल।

कलम और कैमरे की शक्ति,
समाज को दे सकती है दिशा,
सच भी दिखे, सीख भी मिले,
यही हो मीडिया की अभिलाषा।

युवा वही सीखेंगे आखिर,
जो प्रतिदिन उनकी आँखें देखें,
इसलिए ऐसे दीप जलाओ,
जो जीवन को उजियारा दें।

समाचार बनें जागृति का माध्यम,
न कि भ्रम का कोई द्वार,
मीडिया का हर एक संदेश,
बन जाए देश का सच्चा संस्कार।
-ऊषा शुक्ला
3 महीने पहले
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