पर्यावरण दिवस
जो वृक्ष नहीं लगाया तो
आने वाली पीढ़ी को क्या बताओगे।
हरियाली क्या होती है
कैसे उन्हें समझाओगे।।
नदियों को प्रदूषण से नहीं
बचाया तो
शुद्ध जल कहां से लाओगे।
जल संरक्षण करना है जरूरी
वरना प्यासे ही रह जाओगे।
पेड़-पौधे यूं ही कटते रहे तो
आक्सीजन कहां से पाओगे।
पक्षियों का डेरा छीन कर
प्रकृति का संतुलन कैसे
बनाओगे।
जल वायु मिट्टी पेड़-पौधे
यही धरती मां के आवरण।
पेड़ पौधे लगाए,जल बचाएं
साफ स्वच्छ रखें पर्यावरण।।
उषा अग्रवाल
5-5-2019
हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें