सर्वोच्च है लोकतंत्र जहाँ
जनता का विकल्प तय करती पार्टियाँ
मांगने पर अधिकार, जनता
खाती है लाठियाँ।
स्वतंत्र है न्यायतंत्र जहाँ
स्वयं का चयन करती न्यायपालिका
मांगने पर न्याय, जनता
पाती है सिर्फ तारीखियाँ।
सशक्त है प्रशासनतंत्र जहाँ
असुरक्षित महसूस करती नारियाँ
मांगने पर सुरक्षा, प्रशासन
बरसाती है लाठियाँ।
स्वतंत्र है चुनाव तंत्र जहाँ
चयन करती कार्यपालिक
सवालों से घिरने पर
जवाब देने से बचती कार्यपालिका।
- अमित कुमार यादव