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खुशनसीब मेरी किस्मत

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बड़ी खुशनसीब हो गई मेरी किस्मत
        
                                                    
                            
ये दो उपहार मिले जो खुदा से
अर्ली मेरी दुआ है गीत मेरी रहमत
सलामत रहे यही मेरी दौलत

खुदा इनको सबकी नजर से बचाए
और दुख दर्द सारे गमों से बचाए
कदमों में इनकी कामयाबी लिख दे
इतना इन्हें ताबिले काबिल बनाए

इनके लिए रोज सजदा करती हूं मैं
माथे पर नजर का काला टीका लगाती हूं मैं
स्वर्ग से सुन्दर जहान हो इनका
खुदा से यही इफ्तजार करती हूं मैं

एक को डांट दूं तो रात को चादर उड़ती हूं
दूसरी के गिरने से पहले खुद की आत्मा को रूलाती हुं
लोग पूछते हैं दोनों में से ज्यादा प्यार किससे है
एक को दिल, दूसरी को जान हंसकर बताती हूं

 
3 महीने पहले
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