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ज्योति एक प्रेम गीत

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न जाने उसने हमारे लिये कितना कुछ सहा होगा
        
                                                    
                            
वो उम्र भर बन्दी रही होगी
वो उम्र भर दर्द सहती रही होगी
वो एक बेटी भी थी
वो एक बहु भी थी
वो एक भाभी भी थी
वो किसकी मामी भी थी
वो किसकी सखी भी थी,

वो हमारे लिये कड़कती धूप मे चाँद की शीतलता थी
स्वान की मुसलदार बारिश में कृष्ण का गोर्धन पर्वत सी
दुनिया के ताने और शोर में कृष्ण की मुरली की धुन जैसी
वो आईना भी वो ज्वाला भी
वो रेत भी वो लोहा भी
वो कोयला भी कोहिनूर भी
वो एक अनोखी प्यारी
एक सितारा वो है
सबसे मजबूत औरत
हमारी प्यारी माँ
12 घंटे पहले
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