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हम तो जिगर से हिंदुस्तानी है

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम तो जिगर से हिंदुस्तानी हैं
        
                                                    
                            

अली सिकंदर तो नहीं हम
ना पोशाक बादशाहों वाली है
इन लोगों ने तो देश जीते थे
हम तो जिगर से हिंदुस्तानी हैं

हजारों ख्वाहिशें उनसे ऐसी रखी
की हर ख्वाहिश पर दम निकले थे
बहुत पाले थे हमने उनसे अरमान
लेकिन फिर भी हम कम निकले थे

अंदाज उनका बड़े काबिले दम था
इश्क और शराब दोनों का संगम था
बड़े आसान लव्ज बोले थे उनसे
फिर भी दिल पर असर कम था

उसी आबाद मिट्टी के थे वे
जिस मिट्टी पर संध्या सूरज डूबे थे
जिगर तो बड़ा था साहब का
पर हमारी मेहमान नवाजी कम थी

अर्ली गीत
बुलंदशहर उत्तर प्रदेश
7 घंटे पहले
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