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आसमान के तारे जाने क्या चाहें

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आसमान के तारे जाने क्या चाहें
        
                                                    
                            
हमसे ज़ख़्म हमारे जाने क्या चाहें
आपकी याद ज़िन्दगी भर आई लेकिन
आप आप से हारे जाने क्या चाहें
जहां में सबसे सबके मुक़्कदर जीत गए
जिनको जंग पुकारे जाने क्या चाहें
जी भर के जी लेना यारों दुनिया में
मौत के बुझे नज़ारे जाने क्या चाहें
आसानी होती है ग़म को सहने में
वर्ना हम बेचारे जाने क्या चाहें
इश्क़ को इश्क़ बना रहना तो चाहिए ही
हुस्न और अंगारे जाने क्या चाहें
हम क्या हैं, जीने की तमन्ना, मौत का ख़ौफ़
उसपे यही सहारे जाने क्या चाहें
डर से होश का जो नाता है, अच्छा है
रात के ये अंधियारे जाने क्या चाहें
टूट - टूट कर मैं ने सीखा है जीना
मुझसे ख़्वाब तुम्हारे जाने क्या चाहें
सांसें कह दी हैं इस सुख़न को 'रंग' समझ
तेरी धड़कने प्यारे जाने क्या चाहें
2 महीने पहले
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