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ये सोच के आज भी आंखों से पानी झलकता।

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं कैसे कह दूं अब फ़र्क नहीं पड़ता।
        
                                                    
                            
तुझे किसी और के साथ देख कर दिल नहीं जलता।।
अब भी तेरे बिना कही दिल नही लगता।
लगता है आज भी अधूरा पन जिंदगी में,
ये सोच के आज भी आंखों से पानी झलकता।
12 minutes ago
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Prasoon Saxena

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