दिल्ली दिल से भाया और खूब भाया,
हर मोड़ पर एक नया रंग दिखाया।
भीड़ में भी रिश्तों की गर्माहट मिली,
हर राह ने जैसे कोई कहानी सुनाई।
शहर तो बहुत देखे ज़िंदगी में,
मगर दिल्ली ने दिल में जगह बनाई।
दिल्ली सिर्फ़ शहर नहीं, एक एहसास है—
-संजय श्रीवास्तव