उड़ना जानती आसमान में क़ाबिल हूँ
हवा माफ़िक नही उससे मुझको क्या
इन दिनों मैं खुद पर नाराज़ हूँ बेवजह
मुझ पर भी कोई खफ़ा है मुझको क्या
जहाँ मिलेगा 'उपदेश' मैं रुक जाऊँगी
वह मेरा घर होगा या तेरा मुझको क्या
मैं कोई लापता नही पता मालूम तुम्हें
फिर भी ढूँढ़ रहे कहाँ कहाँ मुझको क्या
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'