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लगता नादानी का लिबास

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तरीका कोई नया नही
        
                                                    
                            
किसी गुरूर का मारा।

नज़रे चुरा लेता 'उपदेश'
कैसे बनेगा वह सहारा।।

खुद को समझता बेकसूर
शायद होगा ग़मों का मारा।

लगता नादानी का लिबास
ओढ़े खुद को समझे हारा।।

गुज़र जाएगी जिन्दगी यों ही
बिना गुनाह के सजा द्वारा।

अफसोस रह जाएगा मुझे
अगर किरदार ना सुधारा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
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