विज्ञापन

तुम्हारी खुद्दारी में दोस्ती का असर लगता है।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम्हारी खुद्दारी में दोस्ती का असर लगता है।
        
                                                    
                            
फिर क्यों करीब जाने में इतना डर लगता है।।

ऐसा लगता कि चेहरे पर चेहरा चढ़ाया तुमने।
मोहब्बत करने का सलीके का हुनर लगता है।।

तुम्हारी यारी ने मुझे बेशक कायल कर दिया।
जब सामने होते हो बेतसव्वुर प्यार लगता है।।

दूर से मेरी इतनी तारीफ अच्छी नही 'उपदेश'।
आहिस्ता आहिस्ता मुझपर तेरा जहर चढ़ता है।।

व्यवहार इतना अच्छा पहले कभी लगा ही नही।
दिलों में खुदा ही नही फरिश्ता बसर करता है।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile