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सुकून चाहिए

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुकून चाहिए तो ख्यालो में मजे लो।
        
                                                    
                            
इश्क चीज़ ऐसी इसे ख्वाबों में मजे लो।।

जाहिर करने की सोची तो दुख पाओगे।
नई नई ग़ज़ल पढ़ो 'उपदेश' में मजे लो।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
2 महीने पहले
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