एक रस्म आयोजित करके सौप दिया।
अब सवाल उठ रहे 'उपदेश' क्या दिया।।
गुमान फिर भी अपनी ससुराल पर उसे।
सास ससुर ननद की जिद्द ने क्या दिया।।
जब तक साथ रहना है रहो बेझिझक।
उनको जो कहना था साफ कह दिया।।
शादी के बाद लड़की क्या नही सहती।
पति भी चुप रहता भरोसे ने क्या दिया।।
घर परिवार की इज़्ज़त के खातिर जीती।
खुद सब संभालती समाज ने क्या दिया।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'