विज्ञापन

सफलता

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिकायतें जब तब रहेंगी
        
                                                    
                            
सांस चलती जिन्दगी में।
मन भटकता कुछ खोजता,
विचारों की गन्दगी में।
सफलता किसको कहें 'उपदेश',
आदतों से मजबूर चालाकी,
सुधरता कह रहा मन मंदिर,
सुधार आता नही बन्दगी में।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Aditya Mishra

1 कविता

View Profile

Ankit Kumar

10489 कविताएं

View Profile