विज्ञापन

परिंदा फड़फड़ता

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घर का मालिक प्यार से उसको उड़ाता रह गया।
        
                                                    
                            
घर से निकलने को परिंदा फड़फड़ता रह गया।।

पूछ डाला जब किसी ने घर में घुसने का विचार।
नाम लब पर मोहब्बत का आता जाता रह गया।।

सूरज की किरण खिड़की से बिस्तर गर्म कर गई।
इश्क की हरकत को बेखुदी से देखता रह गया।।

इस तरह कोई घर में आकर वापस जायेगा कैसे।
खूबसूरत ख्वाब में 'उपदेश' मुस्कुराता रह गया।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile