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नसीब का खेल

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दाग बीमारी का धुलने का वक्त चल रहा।
        
                                                    
                            
दुआ देते शुभचिंतकों का ताँता चल रहा।।

जो फालने से फालने से फालने से मिले।
खुदा के ख़ैर से दुआ का हुजूम चल रहा।।

तोहफे में हर किसी को बहुतेरे दोस्त मिले।
नसीब का खेल रहा वक्त माफ़िक चल रहा।।

ज़रूरत पर हाथ थामने वाले कई 'उपदेश'।
मोहब्बत करने वालो का सहारा चल रहा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
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