हज़ार रंग किस्मत में भरने आए हम।
ख्वाबों में तुम्हारी तरह मुस्कुराए हम।।
फरेबी दिल को नजर ना लगे 'उपदेश'।
नजरबट्टू अपनी कोख में दबाए हम।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'