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तड़प क्या होती देखकर समझना मुश्किल

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तड़प क्या होती देखकर समझना मुश्किल।
        
                                                    
                            
जिसके पास यादें उसे खुश करना मुश्किल।।

चाय के कप से भाप लेना मुझे अच्छा लगता।
यकीनन अब आग्रह पर हुआ जाना मुश्किल।।

धीरे-धीरे ही उसकी अहमियत शून्य होती रही।
बदकिस्मती से पूर्ण समर्पण कर पाना मुश्किल।।

उसके न होने से 'उपदेश' इतनी सी कमी रहती।
तकती आँखों में आस बसी नमी आना मुश्किल।।
- उपदेश कुमार शा
2 महीने पहले
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