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कौन दुखी कर रहा

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पति दुखी होता है तो सोचता कि
        
                                                    
                            
पत्नी दुखी कर रही।
सास दुखी होती है तो सोचती कि
बहू दुखी कर रही।
इंसान कोई न कोई बहाना खोजने लगता कि
कौन किसे दुखी कर रहा?

यह तो इंसान मान ही नही सकता कि वह खुद अपने आप को दुखी कर रहा।
यही मन का जाल है।
मन तुम्हे सत्य देखने से अपरिचित रखता कि
तुम्ही हो अपने दुख का कारण।
जो मानता ही नही वही मूल कारण रहा।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
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