विज्ञापन

जो खामोश हो गया

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो खामोश हो गया
        
                                                    
                            
उसी की इतनी याद क्यों
जो मिलना नही चाहता
उसी पर इतना प्यार क्यों

जिस नाम की माला जपता
लेता इतने इम्तिहान क्यों
अपनी राहें मोड़ ली 'उपदेश'
उसी पर इतना एतबार क्यों

गुस्ताखी क्या हुई मुझसे
खुलकर बताने में शर्माए क्यों
मोहब्बत ज़ालिम बन गई
मिलने मिलाने में खुमार क्यों

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
9 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3563 कविताएं

View Profile