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फुर्सत नहीं

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाहती तो हूँ मगर उसकी सोहबत नही मिलती।
        
                                                    
                            
अपने ही जाल में उलझा उसे फुर्सत नही मिलती।।

याद आने से पहले ही हाजिर हो जाता था कभी।
पढ़ने पढ़ाने में मसरूफ अब आदत नही मिलती।।

इसका मतलब है उसने फ़ैसले लेने ही छोड़ दिये।
मोहब्बत फीकी नही शायद इजाज़त नही मिलती।।

सोचा नही था ऐसा दौर भी आएगा कभी 'उपदेश'।
मेरी चाहत से शायद उसकी चाहत नही मिलती।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
7 घंटे पहले
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