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दिल उदार

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कोई तो मिलेगा मुमकिन दिल उदार।
        
                                                    
                            
हाथ बढ़ाए या इशारे से करे स्वीकार।।

बहते पानी में डूबे या उतराए संग-संग।
तमन्ना जोर मार रही कभी हो दीदार।।

दुनिया तो लगती करेला नीम चढ़ी सी।
उसके वाबजूद दिल चाहता मिले प्यार।।

जुगनू तितली तारे तब होंगे हक्के-बक्के।
महकी महकी खुशबू के संग रूबरू यार।।

मन ने पहले ही छाप लिया उसका नाम।
जिससे 'उपदेश' मिलेगा करके एतबार।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
3 महीने पहले
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