विज्ञापन

बाहर से मुस्कुराता

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            धोखा खाने वाले इंसान का तजुर्बा रंग लाता।
        
                                                    
                            
अन्दर से रोता 'उपदेश' बाहर से मुस्कुराता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
6 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Sanjai kumar

103 कविताएं

View Profile