विज्ञापन

आंदोलन की ताकत हर कोई पहचानता

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आंदोलन की ताकत हर कोई पहचानता।
        
                                                    
                            
बिना नेमप्लेट वाला यों ही लाठी ना भांजता।।

आँखें अपने भीतर की पुतली नही देखती।
शासन यदि जान पाता तो भौहें ना तानता।।

भीड़ उत्साह के बीच नारों को उछालती।
वर्दीधारी भी कम नही जो न्याय ना जानता।।

तरकीब इतनी सीधी कि जादू जैसा लगे।
बेबस सिपाही टोपी से कबूतर ना निकालता।।

कलर पकड़कर कोई परिचय पूछे 'उपदेश'।
कोई लाठी से धक्का-मुक्की पत्थर ना मारता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all